पुलिस डायरी का नाम सुनते ही कई तरह के विचार आपके मन में आते होंंगे। इनके बारे में तमाम बातें कहीं जा चुकी हैं। भारत के राजनेताओं ने इस पुलिस नामक व्यवस्था के साथ इस कदर का खेल खेला कि यह पुलिस खुद के स्वरुप को भूल चुकी है। निरन्तर पुलिस ने बेहतर काम किए हैं, लेकिन लोगों को पुलिस का 10 रुपया चौराहे पर लेना ही दिखाई देता हैं। हमारी कोशिश होगी कि आपको हम वह सब दिखाएं जो आपने देखा नहीं होगा ...